संघर्ष
संघर्षो से जुड़ा यह जीवन ,
कर्मों के बाणों से बनता बिगड़ता यह जीवन |
एक एक पल में बिखरती मान्यताएं सभी ,
मुक्त जीव तभी जब अहम् टूट जाएँ सभी |
समय की चाल बदले हर दिन यहाँ ,किसी चाल में सेनापति,
अगली ही चाल में शत्रु बने ||
डर नहीं संघर्ष से,निर्भयता ही मेरी पहचान है ,पर असमंजस की लहरों में डोलता यह जीवन |
कहाँ खड़े ,क्यों खड़े , किधर ले जा रहे हमें |
न ज्ञान है , न राह है , प्रभु बस एक तुम्हारी आस है ||
कश्ती मेरी ,सागर तेरा ,आस मेरी पर कृपा तुम्हारी है |
क्या पाउ कृपा बिना , जब तुम ही आधार और यह सृष्टि भी तुम्हारी है ||
निशब्द हूँ प्रभु , शब्दों में क्या बताऊँ तुम्हे |
सादगी से तुम मिलो ,नहीं छल कपट से ,सादगी कैसे मिले इस कलिकाल के ललाट पे |
कुशलता नहीं है मुझमें ,न मेरे व्यव्हार में ,अनजाने में रोज़ भूलें करते है संसार में |
इसी प्रतीक्षा में यूँ दिन ,काल बीत रहे ,कब मिलोगे कैसे मिलोगे, प्रशन्नो में सभी उलझ रहे ||
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