Monday, May 25, 2020

संघर्ष

संघर्षो से जुड़ा यह जीवन , 

कर्मों के बाणों से बनता बिगड़ता यह जीवन |

एक एक पल में बिखरती मान्यताएं सभी ,

मुक्त जीव तभी जब अहम् टूट जाएँ सभी |

समय की चाल बदले हर दिन यहाँ ,किसी चाल में सेनापति,

अगली ही चाल में शत्रु बने ||

 

डर नहीं संघर्ष से,निर्भयता ही मेरी पहचान है ,पर असमंजस की लहरों में डोलता यह जीवन |

कहाँ खड़े ,क्यों खड़े , किधर ले जा रहे हमें |

न ज्ञान है , न राह है , प्रभु बस एक तुम्हारी आस है ||


कश्ती मेरी ,सागर तेरा ,आस मेरी पर कृपा तुम्हारी है |

क्या पाउ कृपा बिना , जब तुम ही आधार और यह सृष्टि भी तुम्हारी है ||

 

निशब्द हूँ प्रभु , शब्दों में क्या बताऊँ तुम्हे |

सादगी से तुम मिलो ,नहीं छल कपट से ,सादगी कैसे मिले इस कलिकाल के ललाट पे |


कुशलता नहीं है मुझमें ,न मेरे व्यव्हार में ,अनजाने में रोज़ भूलें करते है संसार में |

इसी प्रतीक्षा में यूँ दिन ,काल बीत रहे ,कब मिलोगे कैसे मिलोगे, प्रशन्नो  में  सभी  उलझ रहे ||





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