Sunday, September 14, 2025

हिंदी दिवस कविता




(on a lighter note)

 😊

हिंदी दिवस की आप सबको हार्दिक बधाई,

विदेश में होकर भी , जो मातृ भाषा को संजोए हैं,

उन्हें धन्यवाद देने की यह सुंदर घड़ी आई। 


सोचा मैंने एक दिन, पूरे दिन में मेरी कितनी पंक्तियां  शुद्ध हिंदी में होती हैं,

गौर से देखा तो हर sentence में एक न एक तो अंग्रेजी या उर्दू  की शब्दावली है। 


एक मित्र से प्रेरणा पाई हिंदी में हस्ताक्षर करने की,

यह सुझाव अच्छा लगा इसीलिए सोचा सांझा करने की। 


फिर कुछ पंक्तियां सोची जो अगर शुद्ध हिंदी में हो,

तो मधुर बनेगा यह जीवन , प्रेम होगा चारो और,

देखिएगा ध्यान से ,पंक्तियों पर करना गौर,

बदलाव की नींव खुद से ही है, चाहे मचाएं हम पूरे गांव में शोर । :) 


आयो खाना खालो थोड़ा rude लगता है,

पर आइए भोजन पाइए सुंदर आग्रह होता है। 


मुबारक हो थोड़ा फिल्मी लगता है,

पर बधाई हो , शुभता का प्रतीक होता है।


जल्दी करो, थोड़ा tense लगता है,

शीघ्र कीजिए, इसमें विश्राम का आभास होता है।


जरूरी काम  या आवश्यक कार्य ,

Time क्या है या समय बताओ।

मुझे पता है या मुझे ज्ञात है,

wait करो या प्रतीक्षा ,

Party करनी है या शुभ सम्मेलन,

शब्दों में सामर्थ्य बड़ा, इनका ले अवलंबन,

 आखिर शब्द से ही बनतीं हैं  भावनाएं और यह जीवन।

और मन अच्छा तो वो ही एक परम धन। 


चुनना हमें है, यह तो बस सुझाव है। 

पर हिंदी के शब्दों में है विनम्रता एवं सशक्तिकरण, यह मेरा विश्वास है।

हिंदी भाषा से सूझ बूझ की खुलतीं परते हैं,

तो चलिए इसे गंभीरता से जीवन में नियुक्त करते हैं,

हो सके तो दिन प्रतिदिन,

इसका उपयोग अत्यधिक करते हैं। 

खोए हुए आर्यत्व को पुनः स्थापित कर,

एक बार फिर अपनी मातृ भाषा का सम्मानसाहित धवाजारोहण करते हैं।



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