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Friday, November 24, 2023

Ek main aur Ek Tum













एक मैं हूँ , जो अक्सर  दुनिया में खो जाती हूँ ,

एक तुम हो , जो रौशनी बन फिर मुझे जगाते हो |


एक मैं हूँ , जो प्यार के दो शब्द भी नहीं जानती , 

और एक तुम , जो सदिओं से प्रेम की डोर में जाने कितनो को बांधे हो |


एक मैं , कोयले की खान  ,

एक तुम , अनमोल  हीरों के बागान |


एक मालिक , और एक दास , फिर भी मिलने की आस |

मन की शीतल छाया में  करके वास  ,ह्रदय के सूरज में करते हो महारास |


एक तुम जो  अनंत जीवों  का प्रति क्षण पालन करते हो ,

एक मैं जो धन्यवाद दूँ , यह भी याद न रख पाती हूँ |


एक मैं हूँ  जो दुनिया की दौड़ धुप  में न जाने कितनी बार लड़खलाती हूँ |

एक तुम , जो हर बार 'उठ प्यारे ' यूँ कहकर ,  फिर चलाते हो  |



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